हिंदी कवितादिल कि किताब से चंद अल्फाज ढुंढता मै रह गया, सुनाना था उसे कुछ, खुदसे ही बोलता रह गया काश के लिखे हुए वो खत उसे भेज भी दिये होते काश के...
प्राणिसंग्रहालयातला निरागस वाघप्राणिसंग्रहालयातला निरागस वाघ वैतागून आला वाघ, प्राणिसंग्रहालयातून बाहेर, भयभीत झाली जनता, पळत सुटली चौफेर पहिल्यांदा वाघाने, चौकट होती...
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